aashiqee

नज़्म–अंदाज़ आशिकी का

ये हुश्न चांदनी का, मौसम है आशिकी का  |
ये तो समा है दिलवर,  इज़हारे आशिकी का |
ये चाँद ये सितारे ,ये इश्क के इशारे,
खामोश ये नजारे,ये दिल तुझे पुकारे |
हर ज़र्रा कर रहा है,  इज़हार  जिन्दगी का ,
ये तो सामान है दिलवर , इज़हारे आशिकी का |
दिल में भी तुम बसे हो,ख्यालों में हो समाये |
यादों में जब पुकारा,तुम ख्वाव बनके आये |
अब आ भी जाओ ,करलो आगाज़ जिन्दगी का  |
यह तो अभी है दिलवर,    इज़हार बंदगी का   |
कुछ तो सुनो हमारे,इकरार का फ़साना |
आजाओ देखने को ,बेताब है ज़माना  |
रहता नहीं  सदा यह,      अंदाज़ आशिकी का |
ये तो सामान है दिलवर , इज़हारे आशिकी का||

—– डा श्याम गुप्ता , के-३४८, आशियाना ,लखनऊ २२६०१२.

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